सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न-उत्तर (FAQ's)
स्टेट BPL के केस में क्या करना होगा ?
सोफ्टवेयर में रोगी का रजिस्ट्रेशन करते समय रोगी के प्रकार में स्टेट BPL सेलेक्ट करे!

क्या ये सोफ्टवेयर सभी ब्राऊजर में कार्य करता है ?
I. सोफ्टवेयर Internet Explorer के 6, 7 व 8 वर्जन में चलाकर देखा जा चुका है । IE के version 5 में यह काम नहीं करता है। (Preferably use IE8 for better speed)
II. यदि आपके सिस्टम में IE नहीं इंस्टाल है तो, आप गूगल क्रोम 10,11 एवं ओपेरा 10,11 का भी इस्तेमाल कर सकते है (Use latest version for better speed)
III. यह सोफ्टवेयर Mozilla Firefox Ver. 3.6+ पर भी कार्य करता है
Note: अच्छी द्रश्यता के लिए 600x800 (या इससे उपर) अच्छा हो कि 1024x768 का स्क्रीन सेट्टिंग इस्तेमाल करें ।
जब भी किसी ब्राउजर्स को यदि इन्टरनेट से डाउनलोड करना हो तो, अपने PC के OS के compitable version को ही download करे eg : for xp/vista/win7

सोफ्टवेयर प्रथम बार चलाते समय मुझे क्या करना होगा ?
यदि आपके Institute से सोफ्टवेयर प्रथम बार चलाया जा रहा है तो सभी मास्टर डाटा को तैयार करना जरुरी होगा । मास्टर डाटा की एंट्री इंस्टिट्यूट के Administrator लोगिन द्वारा ही की जा सकती है, सामान्य उपयोगकर्ता (General User) मास्टर डाटा एंट्री के लिए सोफ्टवेयर में अधिकृत नहीं है । 

क्या इस सोफ्टवेयर में MRS बिलिगं की जा सकती है ।
हां, यह सोफ्टवेयर में सुविधा दी गयी है । इसके लिए रोगी के दवाइयों के खर्चे (expenditure on medicines) की एंट्री करते समय Medicine from MRS बटन पर क्लिक करे । Report Section में MRS द्वारा दी गयी दवाइयों का लेखा-जोखा देखा जा सकता है, एवं कटे गए बिलों को रोगीवार प्रिंट भी किया जा सकता है ।

मेरे पास DMP प्रिंटर है मुझे किस प्रकार की सैटिंग करनी होगी ?
रिपोर्ट आदि जैसे सामान्य-प्रिंटआउट के लिए आपको Browser ke Page setup में प्रिंटर का सही प्रकार चुनना होगा । लेकिन यदि आप रजिस्ट्रेशन स्लिप को DMP द्वारा तेजी से प्रिंट करना चाहते है तो मास्टर मेनू के लोकल-कॉन्फिग वाले लिंक पर जाकर प्रिंटर का प्रकार DMP सेलेक्ट करें यहाँ पर आपको Page width in column भी स्पष्ट करनी होगी.  इस प्रकार की सेट्टिंग को चुनकर आप अपने यहाँ तेजी से डोट-मेट्रिक्स पर स्लिप के प्रिंट-आउट ले सकेंगे. जेनेरिक-टेक्स्ट प्रिंटर इंस्टाल करने का लिंक भी इसी पेज पर दिया गया है ।

सोफ्टवेयर बहुत धीरे चलता है ?
यह सोफ्टवेयर नेट पर बना होने के कारण अथवा ऑनलाइन होने के कारण, यदि आपके यहा Internet धीरे चलता है तो यह सोफ्टवेयर भी धीरे कार्य करेगा । अच्छी स्पीड के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्शन का प्रयोग करे । 

मेरे यहा पासवर्ड कार्य नही कर रहा है ?
आप अपने विभाग द्वारा दिए User Id एवं पासवर्ड को Verify करे, फिर भी यदि आपने गलत पासवर्ड दस बार डाल चुके है तो यह सोफ्टवेयर आपके अकाउन्ट को आधे घण्टे के लिय Lock कर देगा।
यूजरनेम एवं पासवर्ड भूल जाने कि स्थिति में अथवा नए यूजरनेम एवं पासवर्ड जारी करने हेतु आप मेडिकल निदेशालय (स्वाथ्य-भवन) जयपुर में आईटी-कन्सलटेंट (मुख्यमंत्री जीवन रक्षा कोष) सुश्री तरुणा चौहान से दूरभाष नंबर: 0141-2223174, 9680787808(Mob) अथवा ईमेल पते: co.mmjrk_it@yahoo.in पर संपर्क कर सकते है.

मुझे रिपोर्ट देखनी है ।
यदि आपके user का प्रकार Report viewer दे तो आपको केवल Report देखने की सुविधा होगी । जबकि यूनिट एडमिनिस्ट्रेटर को लोगिन करने पर उसे रिपोर्ट देखने के साथ ही और भी विकल्प दिए जाते है, जैसे मास्टर डाटा की एंट्री एवं डाटा में बदलाव करना एवं डाटा एंट्री करना. सामान्य यूजर रिपोर्ट देखने के अलावा केवल डाटा एंट्री कर सकता है. यह सभी रोल एडमिनिस्ट्रेटर के द्वारा नए यूजर बनाते समय प्रदान किये जाते है । 

इंडेंट क्या है और इसे क्यों प्रयोग किया जाता है ?
सभी प्रकार की दवाईया MRS के पास होना संभव नही है, BPL रोगी को यदि बताई गयी दवाईया MRS के पास उपलब्ध नही है ऐसे में इस स्कीम में दवाइयां बाहर से मगाने की व्यवस्था है। चिकित्सकों द्वारा Prescribed मेडीसिन का यथासम्भव जेनेरिक होना आवश्यक है उनके generic नहीं होने कि दशा में उस मेडीसिन का उपयोग तभी मान्य होगा जब उसे सम्बंधित चिकित्सालय की कमेटी द्वारा निर्धारित किया गया हो !

जो दवाईयां MRS के स्टॉक में नहीं है, बाहर से अनुबंधित किसी भी फर्म खरीदकर से बीपीएल रोगियों को दी जाती है, फर्म को दवाईयों का लिखित आर्डर जो की प्रतिदिन अथवा दिन में कई बार फर्म को भेजा जाता है यही आर्डर इंडेंट कहलाता है, जिसमें सामान्यतः कई रोगियो की विभिन्न प्रकार की दवाइया होती है । अलग-अलग रोगियों के लिए कई बार दवाई मंगवाने एवं लाने कि असुविधा एवं अव्यवहारिकता से बचने के लिए एक साथ दवाईयां मंगवाने कि यह व्यवस्था मेनुअली अभी कई अस्पतालों में प्रचलित है अब यही इंडेंट इसी सिस्टम द्वारा जारी एवं प्राप्त किये जा सकते है

सोफ्टवेयर द्वारा इन्डेट बनाने हेतु यह आवश्यक है कि-
I. सभी दवाईयों का इन्द्राज MRS Medicine Available में किया जाये व Out of Stock में Yes किया जाय!
II. वह दुकान जिसमें medicines क्रय करनी है उसका नाम फर्म की मास्टर लिस्ट में मेडीसिन के लिए जोड़ा जाए।

जिस प्रकार आप MRS की Billing करते है, ठीक उसी तरह से जो दवाई MRS के लिस्ट में Not in Stock बताई गयी है वे इंडेंट लिस्ट में आ जाएगी,
इंडेंट में दवाईयों की मात्रा एवं रोगी जुड़ते जायेंगे. Active अथवा Running इंडेंट की Information हर समय स्क्रीन पर कन्फर्म मेडीसिन करने पर दिखाई देगी ।

क्या सॉफ्टवेयर में BPL रोगी पर कि गयी खर्चे कि एंट्री ही संस्थान के हिसाब के लिए अथवा Reimbursement के लिए पर्याप्त है ?
नहीं, आपको खर्चो कि एंट्री जो कि बीपीएल रोगियों के लिए कि जाती है इस सॉफ्ट वेयर के साथ साथ मेनुअली (जिस पद्दति को संस्थान पहले से अपनाता आया है) भी रखना आवश्यक है, क्योकि आपके द्वारा Reported खर्चे कभी भी ऑडिट किये जा सकते है उस दशा में आपको खर्चे से संबधित रोगीवार दस्तावेज जैसे कि बीपीएल कार्ड्स कि प्रतिलिपि या कोई और प्रूफ़, इन्वोइस, वाउचर्स, बिल्स एवं रिपोर्ट्स मंथली फॉर्मेट (महीनेवार) में प्रस्तुत करने होंगे अतः सोफ्टवेयर के साथ-साथ मेनुअली रेकॉर्ड्स भी रखा जाये !


रजिस्ट्रेशन नं. हर बार नया डालना है अथवा सिस्टम द्वारा दिखाई देने वाला (suggested) ही अपनाया जाए ?
System को शुरु करने हेतू प्रथम बार आप इसे अपने अस्पताल के अनुसार लिख सकते है बार बार यह करने की आवश्यकता नही है यह सिस्टम एक बार नम्बर बताने के बाद अगला सिस्टम स्वतः ले लेता है । डुप्लीकेट होने पर रिकार्ड सेव नही होगा । बार बार नं. डालने पर डुप्लीकेसी की संभावना बनी रहती है । 
हालाँकि इस सिस्टम में दोनों ही तरीके से काम किया जा सकता है, यदि आपके यहाँ योजना से जुड़े मरीजो को अलग रजिस्टर में नहीं दर्ज किया जाता अथवा रजि. नंबर क्रमवार नहीं है तो आप इसमें नंबर डाल कर भी एंट्री कर सकते है अन्यथा एक बार लोकल-कॉन्फिग पेज पर अगला नंबर (IPD/OPD के लिए अलग-अलग) बताकर सदैव खाली छोड़ दे, अगले रोगी का नंबर स्वत: ही अपडेट होता रहेगा । Note : किसी भी पद्यति को अपनाये पर यह ध्यान रखे की सॉफ्टवेयर में ऐसा प्रावधान है की एक कैलेंडर वर्ष में एक नंबर केवल एक बार ही स्वीकार्य है । अतः आप प्रतिवर्ष १ जन से नयी सीरिज़ शुरू कर दे.


जो दवाई MRS में फिलहाल उपलब्ध नही है पर होना आवश्यक है क्या उसकी एन्ट्री भी की जाए ?
हाँ आप उन दवाईयाँ जो कि जैनेटिक नाम से है और नही होने की दशा में बाहर से मंगाई जाती है (BPL रोगी के लिए उन्हे भी MRS की लिस्ट में डाले एवं out of stock को yes कर दें । 

क्या इस योजना में नरेगा रोगियों का भी इलाज किया जाता है/अथवा इस योजना में लाभान्वित श्रेणिया कौनसी है ?
प्रारंभिक दौर में यह योजना केवल बीपीएल परिवारों के लिए ही थी, परन्तु राज्य सरकार के समय-समय पर जारी आदेशो के अनुसार अब इसमें लगभग दस से अधिक विभिन्न प्रकार की श्रेणियों जिसमे बीपीएल के अलावा स्टेट-बीपीएल, आस्था, एचआईवी-एड्स पीड़ित एवं केंद्र सरकार की पेंशन-योजनाओं (इंदिरा गाँधी वृधावस्था,विकलांग, विधवा पेंशन योजना) से लाभान्वित रोगियों को भी मुफ्त इलाज की सुविधा है. साथ ही कुछ विशिष्ट श्रेणिया जैसे की सहरिया, नट, काथोडी जैसी विशेष जन-जातियों के परिवारों को यह सुविधा दी गयी है, हाल ही में इसमें मेहरानगढ़ दुर्ग दुखान्तिका से पीड़ित परिवारों को भी लाभ दिया गया है.
Note: समय समय पर जुड़ने वाली श्रेणियों के लिए आपको सर्कुलर के माद्यम से सुचना दी जाती रहती है. इस योजना में यदि बीपीएल रोगी अपने कार्ड को प्रस्तुत नहीं कर पाए, और उसके पास नरेगा कार्ड है जिसमें बीपीएल का ब्यौरा हो. उस स्थिति में इन कार्ड्स को प्रमाण के रूप में (बीपीएल होने के) उपयोग किया जाता है केवल नरेगा होने पर वे रोगी इस योजना के अर्न्तगत नहीं आते है.

मुझे विंडोज फीचर्स जैसे के tooltip, title bar, message box & alerts आदि में हिंदी टेक्स्ट के स्थान पर बोक्सेज (ॱॱॱॱॱॱॱॱ) दिखाई देते है ?
यह सिस्टम पूर्णतः Multibyte UniCode का प्रयोग करके विकसित किया गया है, जो की किसी भी Browser पर बिना किसी Font Installation के आसानी ही देखा जा सकता है, फिर भी उपरोक्त Features जो कि Operating System(OS) द्वारा प्रदान किये जाते है, इसके लिए आपको अपने सिस्टम को उस भाषा से support बनाए रखने के लिए केवल एक बार सेट्टिंग करनी होगी. इसके लिए आप इस लिंक को रेफेर कर सकते है. Hindi Script Installation (Read Me)

रोगी के रजिस्ट्रेशन में MMJRK रोगी-क्रमांक/पेशेंट आईडी का क्या महत्त्व है ? इसका पुनः प्रयोग कैसे करें ?
किसी भी रोगी के पहली बार इस योजना में रजिस्ट्रेशन करते समय रोगी की जानकारी/डिटेल जैसे की रोगी की श्रेणी, नाम, कार्ड-संख्या, उम्र, पता फ़ोन इत्यादि डालनी होती है एवं रजिस्ट्रेशन के पश्च्यात उसे सिस्टम द्वारा एक यूनिक आईडी (MMJRK रोगी क्रमांक) प्रदान किया जाता है जो की सम्पूर्ण राज्य में किसी भी सरकारी संस्थान में पुनः ओपीडी/आईपीडी में रज़िस्टर करने में उपयोग किया जा सकता है, इस आईडी के प्रयोग से आपको बार-बार रोगी की जानकारी भरने की आवश्कता नहीं होगी एवं रोगी का सम्पूर्ण चिकित्सकीय जानकारी एक ही बार प्राप्त हो जाती है.
यह रोगी-क्रमांक हर बार उसकी पर्ची पर प्रिंट होता है इसे पुनः प्रयोग करने के लिए आप रोगियों से पुरानी पर्ची लाने को कहे/या उनके मूल कार्ड में इस प्रकार अंकित कर दे की वो ख़राब नहीं हो. यदि बाद में काम/पर्ची प्रिंट नहीं करते है तो आप रोगी क्रमांक सर्च भी कर सकते है या उस रजिस्ट्रेशन में नोट कर ले जिसमें से देख कर आप डाटा एंट्री कर रहे है

बतौर ओपेरटर किसी भी शिकायत/सुझाव के लिए मुझे कहाँ संपर्क करना होगा ?
आप निम्न कारणों के अपने शिकायत/सुझाव इस प्रकार बता सकते है-
I. योजना से संबधित जानकारी के लिए- मेडिकल मुख्यालय जयपुर के मुख्यमंत्री जीवन-रक्षा कोष कंसल्टेंट अथवा प्रोजेक्ट निदेशक को.
II. स्थानीय स्तर की शिकायत के लिए- (जैसे की रोगी बिना प्रमाण अपना इलाज मुफ्त करवाना चाहता है)- अपने संस्था-प्रधान (Unit Incharge) को.
III. सोफ्टवेयर से सम्बंधित कोई तकनीकी समस्या/सुझाव के लिए- निदेशालय जयपुर के मुख्यमंत्री जीवन-रक्षा कोष आईटी-कंसल्टेंट या राष्ट्रीय सुचना-विज्ञान केंद्र (NIC) जयपुर को.
I और III के लिए के नंबर, पते, ईमेल सोफ्टवेयर में Contact Us पेज पर उपलब्ध है,  आपसे सीधे संपर्क करने में असुविधा नहीं हो इसके लिए आप अपनी जानकारी भी सिस्टम में अपडेट रखे

मेरे कंप्यूटर कभी-कभी पर ऑटो-कम्प्लीट टेक्स्ट बॉक्स कार्य नहीं करते है?
आप अपने कंप्यूटर के ब्राऊजर (Internet Explorer) में निम्न सेट्टिंग कर सकते है-
I. आप इन्टरनेट एक्स्प्लोरर का 5 से अधिक वाला (IE8 अपेक्षित) वर्जन काम में ले
II. IE menu->टूल्स->इन्टरनेट आप्शन के सिक्यूरिटी को मीडियम/मीडियम हाई पर रखे (यह डिफाल्ट सेट्टिंग है )
III. IE menu->टूल्स->इन्टरनेट आप्शन->अडवांस टेब में जाकर सेट्टिंग को रिसेट कर ले (Press button: Reset Internet Explorer's settings to thier default condition) इसके पश्च्यात ब्राऊजर को बंद करके री-ओपन करें तभी यह सेट्टिंग प्रभावी होगी .